सात निश्चय योजना की समीक्षा और जाँच के लिए पालीगंज पहुँचे जिलाधिकारी ,मीडिया को रखा गया दूर

अमलेश कुमार ,सिटी न्यूज़ लाइव ,पालीगंज

पटना जिलाधिकारी कुमार रविे पालीगंज अनुमंडल कार्यलय पहुंचे
सात निश्चय योजना के अंतर्गत चल रहे जल नल योजना की समीक्षा और जाँच किया। पदाधिकारियों के साथ किया बैठक ।डीडीसी ,एडीएम एसडीओ ,बीडीओ समेत कई पदाधिकारी रहे मौजूद ।

जानकारी के अनुसार राज्य सरकार के निर्देशानुसार पालीगंज प्रखंड के सभी 25 पंचायतों के लिए सात निश्चय योजना के अंतर्गत चल रही जल नल योजना की जाँच के लिए जिला से सभी पंचायतों के लिए एक एक टीम आई हुई थी ।इसी सिलसिले में जिलाधिकारी कुमार रवि भी दोपहर अनुमंडल कार्यालय अचानक पहुँच गए और करीब आधे घण्टे तक रुके और इस बीच डीडीसी आदित्य राज ,एडीएम ,एसडीओ सुरेंद्र कुमार ,बीडीओ चन्दन कुमार समेत अन्य पदाधिकारियों के साथ कुछ देर तक मीटिंग की और फिर बिना किसी पंचायत में गए ही वापस लौट गए ।इस दौरान मीडिया से भी कोई बात नही की और न ही इस बात के बारे में अनुमंडल प्रशासन द्वारा मीडिया को बताया गया ।सबकुछ अपने तरीके से जिला प्रशासन और अनुमंडल प्रशासन ने गुप्त रखा ।

वही मीडिया को जबतक इस बात की भनक लगती और मीडिया कर्मी अनुमंडल कार्यलय पहुचते तबतक काफी देर हो चुकी थी ,मीडिया कर्मियों की पहुँचने से पहले ही जिलाधिकारी निकल गए ।वही दूसरी अनुमंडल प्रशासन ने भी मीडिया को बताना जरूरी नही समझा ,जबकि यह जाँच आमलोगों से सम्बंधित थी क्योंकि सात निश्चय योजनाओं में मिली लगातार धंधली की शिकायतें पर राज्य सरकार ने यह निर्णय जाँच के लिए लिया है लेकिन इस योजना के प्रति पदाधिकारियों की उदासीन रवैये के कारण और मीडिया को इससे दूर रखकर जिला प्रशासन और अनुमंडल प्रशासन आखिर क्या साबित करना चाहती है यह समझ से परे है । जिलाधिकारी ने खुद किसी एक पंचायत में जाँच के लिए जाने की जहमत नही उठाई ,आए और कुछ ही देर में अनुमंडल मुख्यालय से कुछ गिने चुने पदाधिकारियों से मिलकर चलते बने ।यह बहुत ही निराशाजनक स्थिति बया करती है ।

गौरतलब करने वाली बात यह है कि यह जाँच पहले से पूर्व नियोजित था लेकिन इससे मीडिया को क्यों दूर रखा जा रहा यह तो जिला प्रशासन ही बेहतर बता सकती है ।वैसे पालीगंज अनुमंडल प्रशासन की तो बात और निराली है ।यहाँ तो कुछ भी मीडिया को बताया ही नही जाता है ।जिसका जीता जागता दो उदाहरण है आज और 31 दिसंबर की जिस दिन दो का महत्वपूर्ण कार्यक्रम अनुमंडल प्रशासन द्वारा आयोजित की गई थी ।पहली सुबह अनुमंडल अनुश्रवण समिति बैठक आयोजित किया गया था जबकि दूसरी दोपहर में एक सम्मान समारोह अनुमंडल प्रशासन द्वारा किया गया था जिसमे अपने अपने क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले कर्मियों को सम्मानित किया गया था ।वैसे इस कार्यक्रम में मीडिया कार्यक्रम की आखरी में समाप्ति के समय फोन कर मीडिया कर्मी और पत्रकार बन्धुओं को बुलाया गया था ।जिसका पत्रकारों ने बहिष्कार किया था साथ ही सभी पत्रकारों ने भी नही जाने का भी निर्णय लिया था ।
अब सवाल उठता यह हैं की चौथस्तम्भ को कार्यपालिका क्यों दूर रख रही है ।जबकि सवैंधानिक अधिकार प्रदत पत्रकारिता भी है ।दूसरी ओर यहाँ पर पदाधिकारियों की निरंकुश और मनमानी रवैए आखिर क्यों।जबकि एक ओर राज्य सरकार सुशासन की दावे भरने की दम्भ भरती हुई नही थकती लेकिन इनके पदाधिकारीयो की मनमानी रवैए राज्य सरकार की सुशासन की पोल खोलती हुई दिख रही है ।

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