डॉक्टर्स डे स्पेशल: डॉक्टरों की जिम्मेदारी किसी को नुकसान न पहुंचाएं

आज डॉक्टर्स डे है। ऐसा कोई इंसान नहीं होगा, जिसे डॉक्टर की जरूरत न पड़ती हो। जिस तरह से गाड़ी चलाने के लिए समय-समय पर मरम्मत मांगती है, ठीक उसी तरह मनुष्य का शरीर भी है। कभी बुखार तो कभी कोई और बीमारी, उसको ठीक करने के लिए डॉक्टर की जरूरत पड़ती ही है। जब डॉक्टर बनने के बाद शपथ दिलाई जाती है तो शपथ का मूल मंत्र ‘किसी को नुकसान न पहुंचाएं’ होता है।

डॉ. मनोज लूथरा ने बताया कि 1 जुलाई का दिन फिजिशियन डॉ बिधान चंद्रा रॉय (डॉ. बीसी रॉय) के सम्मान में हर साल राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन हम हर व्यक्ति के जीवन में डॉक्टरों की भूमिका का जश्न मनाते हैं। डॉक्टरों की जिम्मेदारी बेहद महत्वपूर्ण है और उनकी ज़रा सी गलती किसी के लिए भी जानलेवा साबित हो सकती है।

यही डॉक्टरों के पेशे का सार है। हिप्पोक्रेट्स शपथ भी यही कहती है ‘किसी को नुकसान न पहुंचाएं।’ डॉक्टरों की जिम्मेदारी होती है कि समर्पण भाव से हर मरीज को सर्वश्रेष्ठ देखभाल के साथ उत्कृष्ट इलाज मिले। डॉक्टर्स बिना थके, बिना रुके काम करते हैं ताकि हमारा देश स्वस्थ और खुश रह सके।

एक निजी अस्पताल की सीईओ प्रीतिका सिंह का कहना है कि डॉक्टर बहुमूल्य प्रतिभाओं का धनी होता है। एक डॉक्टर निस्स्वार्थ और आत्म बलिदानी व्यक्ति है, जिसे अपने से ज्यादा अपने मरीज की खैरियत के बारे में सोचना पड़ता है। दिन रात काम करना, धैर्यवान, अपने पास आए हुए मरीजों से विनम्रता पूर्वक बात करना, कठिन परिस्थिति में उन्हें सामान्य स्थिति में लाना, प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ  में बैलेंस बना के चलना और कुशलता से अपना कार्य करना ही एक डॉक्टर को बहुमूल्य प्रतिभाओं का धनी बनाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *