आंगनबाड़ी सेविकाओं ने सीडीपीओ के धमकी बाद हंगामा।

  1. सीडीपीओ के एफआईआर के धमकी के बाद उग्र सेविका व सहायिका ने किया हंगामा।

पटना से अमित कुमार का रिपोर्ट :-

सरकारी कर्मी का दर्जा देने की मांग कर आंगनबाड़ी सेविका व सहायिका आंदोलन करते हुए हड़ताल पर हैं। प्रखंड बालविकास परियोजना पदाधिकारी द्वारा शुक्रवार को आंदोलन कर रहे सेविकाओं खिलाफ कार्यालय परिसर में प्रवेश करने पर एफआईआर करने का आदेश जारी कर दिया। सूचना पर सेविका व सहायिका आक्रोशित हो शनिवार को सैकडों के संख्या में कार्यालय पहुँच गई और हंगामा करने लगी। सीडीपीओ वीणा देवी की निलंबन की मांग करते हुए बिहटा -महवलीपुर एसएच टू को जाम कर दिया । इस दौरान मुख्यमंत्री नीतिश कुमार व समाजिक कल्याण मंत्री कृष्णनंदन वर्मा का पुतला जलाया हैं।
ज्ञात हो कि प्रखंड के आंगनबाड़ी सेविका बिहार राज्य आंगनबाड़ी संयुक्त समिति के बैनर तले किये जा रहे चरणबद्ध आंदोलन के कारण सूबे के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पठन-पाठन सहित अन्य कार्य पूर्णत: ठप हैं. 15 सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रही आंगनबाड़ी सेविका व सहायिकाओं का कहना है कि जब तक हमारी मांगों को पूरा नहीं किया जायेगा तब तक तालाबंदी कर धरना प्रदर्शन किया जायेगा. आंगनबाड़ी सेविका व सहायिकाओं द्वारा कार्यालय के पास सड़क जाम कर दिये जाने से आवागमन अवरुद्ध हो गया था दोनों तरफ बाहनों की लम्बी कतार लग गई थी।

सेविका और सहायिकाओं ने सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, सेविका को तृतीय और सहायिका को चतुर्थ श्रेणी में समायोजित करने, सेविका को 18 हजार रुपये और सहायिका को 12 हजार रुपये मानदेय देने समेत 15 सूत्री मांगें हैं। आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं के हड़ताल पर चले जाने से आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताला लटक गया है. इस कारण गरीब बच्चों को पोषाहार भी नहीं मिल पा रहा है. वहीं, गर्भवती और मातृ महिलाओं को टीएचआर का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है।

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