मांझी की पार्टी हम में बड़ी टूट ,वृशिण पटेल और दानिश रिजवान ने दिया इस्तीफा

 

सिटी न्यूज़ लाइव डेस्क

इस वक्त की बड़ी खबर पटना सियासी गलियारे से आ रही है जहां पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा में बड़ी टूट की बात  सामने आ रही है पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद से पूर्व मंत्री वृषण पटेल ने इस्तीफा दे दिया है।

वहीं  पार्टी के प्रवक्ता दानिश रिजवान ने भी अपना इस्तीफा दे दिया है दानिश रिजवान ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वृषण पटेल पर गंभीर आरोप लगाए हैं उन्होंने कहा कि वृषण पटेल ने पार्टी द्वारा इकट्ठा किए गए 12 लाख के फंड में से हेरा फेरी की है।

एक कार्यक्रम में वृषण पटेल और दानिश रिजवान

हम प्रवक्ता दानिश रिजवान ने अपने फेसबुक पेज पर इसको लेकर एक पोस्ट भी किया है जिसमें उन्होंने इस्तीफे के कारण को बताया है उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा है –

सेवा में,
श्री जीतन राम मांझी जी,
पुर्व मुख्यमंत्री सह राष्ट्रीय अध्यक्ष,हम(से.)

महाश्य,
विगत कुछ दिनों से पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वृषिण पटेल के द्वारा अपने चंद लोगों के साथ मिलकर न केवल दल विरोधी कार्य किया जा रहा है बल्कि पैसे की लूट मची हुई है।
दल का कार्यकर्ता अपनी गाढ़ी कमाई को अपना पेट काटकर चंदे के रूप में पार्टी को देता है परन्तु बार-बार आपके चेतावनी देने के बावजूद अपने कुछ लोगों के साथ मिलकर प्रदेश अध्यक्ष वृषिण पटेल जी उस चंदे के पैसे में सेंधमारी कर रहे हैं।
महोदय मैंने आपके सानिध्य में राजनीति सीखी है,आपने हमेशा गरीबों के हक़-हक़ूक की बात कही है परन्तु जब अपने ही दल का प्रदेश अध्यक्ष दल के पैसे का बंदरबाँट करें वह कहीं से उचित नहीं।
महोदय मैं आपके साथ उस वक्त जुड़ा जब आप मुख्यमंत्री पद से इस्तिफा देकर वापस लौटे थें और अपने कक्ष में अकेले बैठकर विधानसभा की कार्यवाही देख रहें थें।उस वक्त वृषिण पटेल सरीखे नेता विधानसभा में जाकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के पक्ष में मतदान कर रहें थें जिससे आप आहत थें।उस समय से लेकर आजतक मैं आपके साथ हर दुख-सुख में रहा,आपके हर निर्णय में आपके साथ रहा,कभी अपनी किसी इच्छा को व्यक्त नहीं किया,दल का एक सिपाही बनकर रहा परन्तु दुख तब होता है जब मैं यह देखता हुँ कि कुछ लोग मिलकर मेरे घर को दीमक की तरह चाट रहें हैं और सबकुछ जानते हुए भी उनलोगों पर हम कोई कारवाई नहीं कर पा रहें।महोदय मेरे रहते हुए मेरे घर को तोड़े यह मैं कभी बर्दाश्त नहीं कर सकता।
ऐसी स्तिथि में मैं तमाम बातें को ध्यान में रखकर न केवल दल के तमाम पदों से बल्कि प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तिफा देता हुँ।

आपका

डॉ दानिश रिजवान
दिनांक-6/2/19

अब देखना दिलचस्प होगा की जीतन राम मांझी पार्टी को इस टूट की संकट से कैसे निकालते हैं।

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