पांच लाख रंगदारी नहीं देने पर अपराधियों ने आलू व्यवसाई को गोली मारकर किया जख्मी ,पारस में हो रही ईलाज

पांच लाख रंगदारी नहीं देने पर अपराधियों ने आलू व्यवसाई को गोली मारकर किया जख्मी ,पारस में हो रही ईलाज
पालीगंज से अमलेश कुमार की रिपोर्ट।पटना जिले के पालीगंज अनुमंडल मुख्यालय बाजार स्थित एक आलू व्यवसाई अशोक कुमार गुप्ता को अपराधियों द्वारा गोली मारकर जख्मी करने की मामले उजागर हुई ,पारस हॉस्पिटल में तीन दिनों से भर्ती ,ईलाज किया जा रहा है।पांच लाख की रंगदारी माँगने की बात सामने आ रही है ।पुलिस इस मामले की जाँच में जुटी है ।
जानकारी के अनुसार बीते वर्ष की आखरी दिन 31 दिसंबर की सुबह अनुमंडल मुख्यालय बाजार स्थित काली मंदिर के सामने एक आलू व्यवसाई अशोक कुमार गुप्ता को अपराधियों ने 5 लाख की रंगदारी माँगने पर नही देने के कारण गोली मारकर गम्भीर रूप से जख्मी कर दिया ।जिनकी पारस हॉस्पिटल पटना में ईलाज किया जा रहा है।डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर गोली को बाहर निकाल लिया है ।जिससे उनकी जान खतरे से बाहर हो गई है ।


उल्लेखनीय बात यह है कि आलू व्यवसाई अशोक कुमार प्रति दिन की तरह 31 दिसंबर की सुबह अपने गल्ला पर आए और दुकान खोलने के बाद वह पड रही काफी ठंढ के कारण अगल बगल के अन्य व्यवसाइयों और अपने मजदूरों के साथ आग तापने लगे ,इसी बीच में अशोक की अचानक तबियत खराब हो गई ।उनके आसपास के लोगो को।लगा कि उन्हें ठंढ लग गई ।उन्हें तत्काल अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया ।जहाँ पर डॉक्टरों ने प्राथमिक ईलाज के बाद स्थिति नाजुक होने की वजह से बेहतर ईलाज के लिए पटना PMCH भेज दिया ।लेकिन परिजनों ने PMCH न लेकर उन्हें पारस हॉस्पिटल में ईलाज के लिए भर्ती किया ।दो दिनों तक इलाज के बाद 2 जनवरी को पारस के डॉक्टरों ने परिजनों से गोली लगने की बात बताई और जान की खतरे और नाजुक स्थिति की गम्भीरता को देखते तत्काल ऑपरेशन की सलाह दिया ।इसके बाद आननफानन में डॉक्टरों ने परिजनों की सलाह के बाद ऑपरेशन कर उनकी पेट से (पंजरी )गोली बाहर निकाल कर खतरे को टालते हुए ,अशोक कुमार की जान बचाई । वही प्रत्यदर्शियों के अनुसार किसी ने गोली चलने की आवाज नही सुनी और न ही किसी ने कोई संदिग्ध आदमी को देखा है।हो सकता हो आग तापने के दौरान कोई अपराधी ठंढ का फायदा उठाते हुए सायलेंसर युक्त हथियार से सटा कर पंजरी में गोली मार दी हो और भीड़भाड़ का फायदा उठाते हुए फरार हो गया हो ।खुद अशोक कुमार को भी इस बात इल्म नही था कि उन्हें गोली लगी है।सभी ने ठंढ की ही बात जान रहे है ।लेकिन रंगदारी वाली बात भी किसी से आजतक सार्वजनिक रूप से अशोक जी ने नही बताई थी ।यह बात उन्होंने ने अपनी जान की खतरे और और हाइलाइटेड होने की वजह से नही बताई हो ।वैसे अशोक जी से हमारी भी मुलाकात हमेशा होती रहती थी लेकिन उन्होंने कभी भी हमसे यह बात नही बताई ।
वही परिजनों ने सारी बात केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव और अन्य लोगों से बताई और स्थानीय डीएसपी मनोज पांडे और अनुमंडल पुलिस पर दबाव बनाते हुए इस मामले को देखने को कहा ।वही मिली परिजनों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार डीएसपी मनोज पांडे ने खुद पारस हॉस्पिटल में जाकर इलाजरत अशोक को देखा और परिजनों से मिलकर उनका बयान लिया ।जानकरी के अनुसार डीएसपी के परिजनों से मिलने के बाद ऑपरेशन हुई थी और उसके बाद गोली साक्ष्य के रूप में निकली है ।वही स्थनीय थानेदार अरुण कुमार सिंह ने इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि अभी परिजनों का लिखित रूप से अधिकृत कोई प्राथमिकी दर्ज नही हुई लेकिन फिर भी पुलिस इस मामले की गम्भीरता से लेते हुए जाँच में जुटी है ।
वही इस बड़ी घटना की बड़ी कड़ी कहि दूसरी ओर जुड़ती दिख रही है ।जोकि पुलिस अनुशंधान के बाद सामने आएंगी ?क्योकि परिजनों के अनुसार यह घटना की तार रंगदारी से जुड़ा है ।परिजनों के अनुसार पिछले एक माह पूर्व किसी अंजान व्यक्ति द्वारा एक पर्ची पर पांच लाख रुपए की रंगदारी माँगने की बात सामने आ रही है ।जोकि लिखित रूप से अशोक कुमार को दिया था ।वही अशोक कुमार ने इस घटना की सूचना डीएसपी मनोज पांडे से मिलकर इसकी शिकायत करते हुए विस्तृत रूप से अपनी जान की खतरे की अंदेशा जताते हुए बताई थी ।लेकिन पुलिस ने समय रहते कोई ठोस कदम इस दिशा में नही उठाई ।अगर समय रहते इस दिशा में पुलिस ने करवाई की होती तो शायद यह घटना होने से बच सकती थी ।
वहीँ इस दुःखद घटना पर समाज के विभिन्न वर्ग के लोगों ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस से अपराधियो पर कड़ी करवाई की मांग किया है ।

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