एसबीआई जूनियर एसोसिएट्स (2018) परीक्षा की तैयारी में लगे हैं तो ये काम आएंगे ये टिप्स

भारतीय बैंकिंग प्रणाली दुनिया की सबसे अनुशासित व सुदृढ़ बैंक प्रणालियों में से एक है। इस क्षेत्र के तेजी से विकास करने के चलते करियर के अनेक मार्ग प्रशस्त हो रहे हैं। लगभग सभी बैंक अपने यहां प्रोफेशनल्स की भर्ती करने में लगे हैं। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया इसमें सर्वोपरि है। अभी हाल ही में एसबीआई ने जूनियर एसोसिएट्स (कस्टमर सपोर्ट एंड सेल्स) के करीब 8,301 पदों के लिए भर्तियां निकाली हैं। जूनियर एसोसिएट्स का काम बैंक में आए ग्राहकों की समस्याओं का निराकरण करने से लेकर अन्य जरूरी कामों में टीम को मदद पहुंचाना है। इसमें आवेदन प्रक्रिया से लेकर परीक्षा तक सभी प्रक्रिया ऑनलाइन होनी है। परीक्षा की तिथि अभी संभावित है।
स्नातक होना जरूरी
इसमें आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय अथवा महाविद्यालय से स्नातक की परीक्षा पास होना जरूरी है। योग्यता के साथ-साथ उसकी उम्र 20-28 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आयु की गणना एक जनवरी 2018 से की जाएगी। आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को आयु-सीमा में छूट दी जाएगी।
चयन दो चरणों के बाद
जूनियर एसोसिएट्स बनने के लिए उम्मीदवारों को दो चरणों – प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा से गुजरना होता है। प्रारंभिक परीक्षा में तीन सेक्शन शामिल होते हैं यानी प्रश्न इंग्लिश लैंग्वेज, न्यूमेरिकल एबिलिटी व रीजनिंग एबिलिटी पर आधारित होते हैं। प्रश्नों का स्वरूप बहुविकल्पीय होता है और इसके लिए एक घंटे का समय निर्धारित है। प्रश्नों की संख्या 100 होती है तथा कुल अंक भी 100 ही होते हैं, जबकि मुख्य परीक्षा में चार सेक्शन (जनरल/फाइनेंस अवेयरनेस, जनरल इंग्लिश, क्वांटिटेटिव एप्टिट्यूड, रीजनिंग एबिलिटी/कम्प्यूटर एप्टिट्यूड) से प्रश्न पूछे जाते हैं। प्रश्नों की संख्या 190 होती है और 160 मिनट का समय दिया जाता है। इसके लिए कुल 200 अंक निर्धारित हैं। प्रश्न बहुविकल्पीय होेते हैं तथा अंग्रेजी को छोड़कर उनका माध्यम हिन्दी व अंग्रेजी दोनों होगा।
अंग्रेजी ग्रामर पर दें ध्यान
उम्मीदवार की अंग्रेजी भाषा पर कितनी पकड़ है तथा वह कितनी दक्षता के साथ अंग्रेजी शब्द पढ़-लिख सकता है, यह इंग्लिश लैंग्वेज सेक्शन के माध्यम से आंका जाता है। वोकेबलरी, एंटॉनिम्स, सिनॉनिम्स, वाक्य प्रयोग तथा फिल इन द ब्लैंक पर भी प्रश्न होते हैं। एस्से राइटिंग व लेटर राइटिंग का भी अभ्यास करते रहें।
मैथ्स के फॉर्मूले की करें प्रैक्टिस
न्यूमेरिकल एबिलिटी के प्रश्न दसवीं अथवा बारहवीं स्तर के होेते हैं। इनमें ज्यादातर समय, दूरी, चाल, औसत, प्रतिशत, ज्यामिती व त्रिकोणमिती, मेंशुरेशन आदि पर आधारित प्रश्न होते हैं। इनकी फॉर्मूले के साथ रेगुलर प्रैक्टिस जरूरी है। कोशिश करें कि फॉर्मूलों की एक अलग डायरी बना लें और फिर उन्हें देखते रहें।
तार्किक शक्ति विकसित करें
रीजनिंग के माध्यम से उम्मीदवारों की तार्किक क्षमता का पता लगाने की कोशिश की जाती है। यह सेक्शन उम्मीदवार की सोच एवं समझ पर निर्भर करता है। इसके अंंतर्गत विभिन्न प्रकार के प्रश्न पूछे जा सकते हैं। यह आंशिक रूप से शब्दों, आकृति एवं रेखाचित्रों पर आधारित होते हैं, जिन्हें भाषिक या गैर भाषिक की संज्ञा दी जाती है।
जनरल नॉलेज मजबूत रखें
इसके अंतर्गत उम्मीदवारों को देश-विदेश में घटने वाली समकालीन घटनाओं के अलावा बैंकिंग व फाइनेंशियल इंडस्ट्री पर अपनी जानकारी अपडेट रखनी होती है। इसमें पूछे जाने वाले प्रश्न वर्तमान घटनाक्रम, अर्थव्यवस्था, भूगोल, इतिहास, देश की राजनीति, सांस्कृतिक विरासत, स्वतंत्रता संग्राम व भारतीय संविधान की मुख्य विशेषताओं पर भी हो सकते हैं।
गलत उत्तर पर नेगेटिव मार्किंग
परीक्षा में उम्मीदवारों को सोच-समझकर प्रश्नों के उत्तर देने होंगे, क्योंकि गलत उत्तर देने पर नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान है। यदि कोई उम्मीदवार गलत उत्तर देता है तो उसके एक चौथाई अंक काट लिए जाएंगे, इसलिए जिन प्रश्नों को लेकर दुविधा हो, उन्हें छोड़कर आगे बढ़ जाएं।

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